नीमच सिटी : ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला नीमच सिटी क्षेत्र इन दिनों एक गंभीर और भयावह संकट के दौर से गुजर रहा है। शहर में सट्टे का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर घातक *एमडी ड्रग्स (MD Drugs)* का जहर युवाओं की रगों में तेजी से घुल रहा है। इस अवैध और नशे के दलदल में फंसकर शहर की युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है, जिससे कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ने लगे हैं।
खुलेआम चल रहा सट्टे का खेल
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों के अनुसार, नीमच सिटी के विभिन्न वार्डों और चौराहों पर सट्टे का अवैध कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है। क्रिकेट मैचों से लेकर अन्य सट्टा पट्टियों के माध्यम से युवाओं को कम समय में अमीर बनने का लालच देकर इस दलदल में फंसाया जा रहा है। सट्टे की लत के कारण कई युवा अपने घर-गृहस्थी का सामान और जमा-पूंजी तक गंवा चुके हैं, जिससे आए दिन परिवारों में कलह और आर्थिक तंगी की स्थिति बन रही है।
एमडी ड्रग्स की चपेट में नासमझ युवा
सट्टे के साथ-साथ शहर में सिंथेटिक ड्रग्स विशेषकर *एमडी (मेफेड्रोन)* का अवैध कारोबार भी पैर पसार चुका है। शहर के कुछ युवा और नासमझ किशोर इस खतरनाक नशे के आदि होते जा रहे हैं। नशे की इस गिरफ्त के चलते युवाओं का मानसिक और शारीरिक संतुलन बिगड़ रहा है। जो युवा कभी अपने परिवार और समाज का भविष्य हुआ करते थे, वे आज नशे की एक डोज के लिए अपराध और चोरी के रास्ते पर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
बर्बाद हो रहे परिवार, उठ रहे गंभीर सवाल
आर्थिक तंगी : नशे और सट्टे की लत को पूरा करने के लिए युवा अपने घरों के जेवर, बाइक और अन्य कीमती सामान चोरी-छिपे बेचने लगे हैं।
बढ़ता अपराध : नशे का आदी युवा वर्ग पैसे के लिए चोरी, लूटपाट और आपसी मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा है, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
माता-पिता की लाचारी : अपने बच्चों को इस दलदल में घुट-घुट कर मरते देख माता-पिता बेबस और लाचार हैं। कई परिवारों की आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग चुकी है।
जनता और परिजनों की प्रशासन से सख्त मांग
नीमच सिटी की जनता और पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस मामले में तत्काल और कड़े कदम उठाने की मांग की है:
1. सघन छापेमारी : शहर में सक्रिय सट्टा किंगपिन और ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर उनके खिलाफ एनएसए (NSA) जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।
2. नशा मुक्ति केंद्र : युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए शहर में विशेष जागरूकता अभियान और काउंसलिंग/नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जाएं।
3. गश्त बढ़ाई जाए : संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि नशे के सौदागरों और सटोरियों के हौसले पस्त हो सकें।
यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने इस अवैध कारोबार पर पूर्णतः प्रतिबंध नहीं लगाया, तो नीमच सिटी का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा और कई और परिवार इस तबाही की भेंट चढ़ जाएंगे।
