मुख्य बातें
उच्च न्यायालय और शासन के आदेशों की अवमानना: मध्य प्रदेश की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित सभी बैरियरों को पूर्ण रूप से बंद रखने के स्पष्ट और कड़े निर्देश हैं, ताकि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और वाहन चालकों को अवैध प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
जमीनी हकीकत: कागजों पर बैरियर बंद होने के बावजूद नयागांव चेक पोस्ट पर एक समानांतर और बेहद संगठित तंत्र बेखौफ अंदाज में संचालित हो रहा है।
दलालों का कब्जा: चेक पोस्ट परिसर में प्रशासनिक नियंत्रण और विभागीय सख्ती पूरी तरह नदारद नजर आती है, जिसके चलते गैर-अधिकृत लोग और बिचौलिए खुलकर अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं।
अवैध वसूली का तरीका
वाहनों को रोकना: सीमा के भीतर ट्रकों, कंटेनरों और भारी वाहनों को बेवजह घंटों रोककर रखा जाता है।
डराना-धमकाना: ड्राइवरों को विभिन्न औपचारिकताओं के नाम पर डराया-धमकाया जाता है और इसके एवज में अवैध रूप से पैसों की मांग की जाती है।
डिजिटल लेनदेन: अब अवैध वसूली केवल नकदी तक सीमित नहीं है, बल्कि फोन पे, गूगल पे और विभिन्न ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए भी धड़ल्ले से अंजाम दी जा रही है।
कैमरे में कैद कालाबाजारी और दबंगई:
जब इस खुले भ्रष्टाचार का विरोध करने या इसे कैमरे में कैद करने की कोशिश की जाती है, तो वहां मौजूद दबंग और दलाल प्रवृत्ति के लोग अपनी हरकतों पर उतर आते हैं। विरोध करने वाले व्यक्तियों को डराने-धमकाने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने से भी गुरेज नहीं किया जाता। सामने आए वीडियो फुटेज इस बात का जीवंत दस्तावेज हैं कि किस तरह बिना तय की गई अवैध राशि का भुगतान किए वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती।
बैरियर बंद होने के सरकारी आदेशों के बावजूद, नयागांव चेक पोस्ट का यह अवैध साम्राज्य कमजोर होने के बजाय और अधिक शक्तिशाली रूप धारण कर चुका है। इस लगातार और बेरोकटोक चल रही अवैध गतिविधियों ने न केवल राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी साख को भी गहरे कटघरे में खड़ा कर दिया है।

