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    कलाव्योम फाउंडेशन की पहल से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला का समापन !

     

    फ्यूचर प्राइड स्कूल ने नीमच के बच्चों को दिलाया राष्ट्रीय रंगमंच का मंच

    बच्चों ने अभिनय, संवाद, संगीत एवं रंगमंचीय प्रस्तुतियों से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

    नीमच। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा कलाव्योम फाउंडेशन, फ्यूचर प्राइड विद्यालय एवं रंगाभास नाट्यशाला के सहयोग से आयोजित 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला का समापन समारोह फ्यूचर प्राइड स्कूल, इंदिरा नगर में अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। लगभग एक माह तक चली इस कार्यशाला में बाल प्रतिभागियों ने रंगमंच की विविध विधाओं का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा समापन अवसर पर अपने अर्जित कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमुदाय की भरपूर सराहना प्राप्त की।

    अतिथियों ने रंगमंच को बताया व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम

    समारोह के मुख्य अतिथि नीमच जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल एवं संवेदनशीलता के निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रंगमंच बच्चों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है, उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित करता है तथा उन्हें समाज और जीवन की विविध परिस्थितियों को समझने की दृष्टि देता है।

    उन्होंने कहा कि कलाव्योम फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के साथ नीमच में इस स्तर की 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया जाना पूरे जिले के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें कला एवं संस्कृति के माध्यम से एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।

    उन्होंने कलाव्योम फाउंडेशन के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी नीमच में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर, रंगमंच कार्यशालाएँ और सांस्कृतिक आयोजन निरंतर आयोजित होते रहेंगे, जिससे अधिकाधिक बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्राप्त होगा।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुखलाल पंवार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर होती हैं। यदि बच्चों को कम आयु से ही नाट्यकला, संगीत, साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो उनमें रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों का स्वाभाविक विकास होता है। उन्होंने कहा कि रंगमंच केवल अभिनय की कला नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का एक सशक्त माध्यम है, जो बच्चों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, टीम भावना और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस प्रदान करता है।

    उन्होंने इस अवसर पर कलाव्योम फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से बच्चों और युवाओं के लिए निरंतर रचनात्मक एवं संस्कारमूलक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कलाव्योम फाउंडेशन भविष्य में भी नीमच में कला, संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में इसी समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए नई पीढ़ी को सशक्त बनाने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता रहेगा।

    विशिष्ट अतिथि नीमच नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि रंगमंच बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन तथा टीम भावना विकसित करने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ बच्चों की सृजनात्मक क्षमता को नई दिशा देती हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा को खुलकर अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कलाव्योम फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

    विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वप्निल वधवा ने कहा कि कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों के मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं बौद्धिक विकास की सुदृढ़ आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि रंगमंच बच्चों में संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है। उन्होंने कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

    कलाव्योम फाउंडेशन बना कार्यशाला की सफलता का मजबूत आधार

    राष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला के सफल संचालन में कलाव्योम फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था ने कार्यशाला के समन्वय, स्थानीय व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों एवं अभिभावकों से सतत संवाद तथा आयोजन की संपूर्ण व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन किया। फाउंडेशन ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और स्थानीय समाज के बीच सेतु बनकर नीमच के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर का रंगमंचीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया।

    कलाव्योम फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक श्रीमाल ने कहा कि डिजिटल युग में भारतीय रंगमंच, लोक संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। संस्था का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को कला, संस्कृति, साहित्य और व्यक्तित्व विकास से जोड़कर उन्हें संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है।

    कलाव्योम फाउंडेशन निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर विविध कलाओं पर केंद्रित कार्यशालाओं, कौशल विकास प्रशिक्षण, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का संचालन कर रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण देकर भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जोड़ना है।

    संस्था विशेष रूप से नीमच जैसे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी कलाव्योम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से ऐसे प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करता रहेगा, ताकि युवाओं को कौशल विकास, रचनात्मक अवसर और सम्मानजनक आजीविका के नए आयाम प्राप्त हो सकें।






    बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल

    30 दिवसीय कार्यशाला के दौरान बच्चों को रंगमंच की विभिन्न विधाओं का व्यवस्थित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में अभिनय, संवाद-अभिनय, स्वर एवं वाचन, शारीरिक अभिव्यक्ति, मंचीय अनुशासन, चरित्र निर्माण, भाव-भंगिमाओं का अभ्यास, संगीत, लय-ताल, समूह गतिविधियाँ, रचनात्मक खेल, मंच संचालन तथा रंगमंचीय प्रस्तुति के विविध आयामों पर विशेष रूप से कार्य किया गया। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने न केवल अभिनय की बारीकियाँ सीखीं, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच एवं प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे जीवनोपयोगी गुणों का भी विकास किया।

    समापन समारोह में प्रतिभागी बच्चों ने अपनी सीखी हुई कला का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए विभिन्न रंगमंचीय प्रस्तुतियाँ मंचित कीं। इन प्रस्तुतियों में बच्चों की सहज अभिनय क्षमता, सशक्त संवाद अदायगी, प्रभावपूर्ण मंच संचालन, सटीक भाव-भंगिमाएँ, उत्कृष्ट समूह समन्वय तथा आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान अनेक प्रस्तुतियाँ ऐसी रहीं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

    अभिभावकों ने सराहा बच्चों में आया सकारात्मक परिवर्तन

    अभिभावकों ने भी बच्चों में आए सकारात्मक परिवर्तन, बढ़े हुए आत्मविश्वास, मंच पर निर्भीक अभिव्यक्ति तथा रचनात्मक व्यक्तित्व विकास की सराहना की। अतिथियों ने कार्यशाला की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा को नई दिशा देने के साथ-साथ उन्हें संस्कार, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक चेतना से भी समृद्ध करते हैं।

    कार्यशाला निदेशक सुशील मिश्रा ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का उद्देश्य देशभर के बच्चों तक रंगमंच की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना तथा उनमें सृजनात्मक क्षमता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि नीमच के बच्चों में सीखने की अद्भुत क्षमता एवं उत्साह देखने को मिला, जो भविष्य के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।

    फ्यूचर प्राइड विद्यालय की प्राचार्य नीलम किलोरिया ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी, फेस्टिवल सेल के प्रभारी सुमन वैद्य, सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। फ्यूचर प्राइड स्कूल के संचालक उमेश किलोरिया ने विद्यालय परिसर में कार्यशाला आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी शिक्षा के साथ-साथ कला एवं संस्कृति से जुड़े आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।

    कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, कला प्रेमी, मीडिया प्रतिनिधि एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, कलाव्योम फाउंडेशन, फ्यूचर प्राइड विद्यालय एवं रंगाभास नाट्यशाला की इस महत्वपूर्ण पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।

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