नीमच: जिले के ग्रामीण अंचल इन दिनों बिजली विभाग की घोर लापरवाही और लचर व्यवस्था की चपेट में हैं। ग्राम बिसलवास खुर्द, बामन बर्डी और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से रात के समय अघोषित और लंबी बिजली कटौती ने आम जनजीवन और किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है।
अंधेरे में डूबती रातें, चैन की नींद भी गायब
किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। विभाग कभी भी, किसी भी वक्त बिजली गुल कर देता है:
• रात को 10:00 बजे से 11:00 बजे तक,
• आधी रात को 2:00 बजे से 3:00 बजे तक,
• और सुबह-सुबह 5:00 बजे से 8:00 बजे तक बिजली गायब रहना आम बात बन गई है।
दिनभर खेतों में और पसीने के बीच कड़ी मेहनत करने वाला किसान जब रात को अपने घर सुकून के दो पल बिताने और सोने जाता है, तो उसे बिजली न होने के कारण उमस और अंधेरे से जूझना पड़ता है।
सिर्फ 'रखरखाव' का बहाना, धरातल पर शून्य समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी इस समस्या को लेकर संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों से शिकायत की जाती है, तो सिर्फ 'मेंटेनेंस' (रखरखाव) का रटा-रटया बहाना सामने आता है।
• कर्मचारी मौके पर आकर सिर्फ खानापूर्ति (कामचलाऊ व्यवस्था) करके चले जाते हैं।
• आए दिन नए-नए बहाने बनाए जाते हैं, लेकिन इस समस्या का कोई भी स्थाई और पक्का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
कभी भी भड़क सकता है ग्रामीणों का आक्रोश
लगातार शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होने से ग्रामीणों और किसानों में भारी रोष व्याप्त है। अन्नदाताओं का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो किसानों का सब्र टूट जाएगा और वे बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर कब तक ग्रामीणों को नियमित बिजली उपलब्ध कराते हैं।
